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बंदरों के प्यार में महिला अपना घर छोड़कर बंदरों के साथ जंगल में रह रही पिछले 8 साल से

कहा जाता है कि पशु पक्षी प्यार के भूखे होते हैं उन्हें भी भावनाएं होती है लकी इंसान पशु पक्षियों की भाषा ज्यादातर नहीं समझ पाता लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो पशु पक्षियों की भी भाषा समझते हैं भारत में पशु पक्षी को पाला जाता है अधिकतर घरों में कुत्ते पाले जाते हैं कुत्ता काफी वफादार जानवर होता है दुनिया में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो जानवरों को पालते हैं और उसे अपने बच्चों से ज्यादा प्यार करते हैं!

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ऐसे लोगों को एनिमल लवर कहा जाता है जनसंख्या वृद्धि के कारण जंगलों को काट कर घर बनाने से जानवरों को काफी तकलीफ हो रही है पशु पक्षी जंगलों में रहना ज्यादा पसंद करते हैं और जंगल काटने की वजह से पशु पक्षियों की जनसंख्या में काफी कमी आई है!

बेजुबान बंदरों के लिए छोड़ दिया अपना घर, आठ साल से जंगल में रहकर मां की तरह  कर रही हैं उनकी सेवा

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक खबर वायरल हो रही है खबर के अनुसार एक महिला अपना घर छोड़कर 8 सालों से बंदरों के साथ जंगल में रह रही है बताया जा रहा है कि यह महिला पशु प्रेमी है!

 

उत्तर प्रदेश के जिला बांदा की रहने वाली एक वृद्ध महिला ने अपना घर बार छोड़ दिया और जंगल में जानवरों के बीच रह रही है वृद्ध महिला ने जंगल में एक कुत्तिया बना ली है और उसी में जानवरों के बीच रह रहे !

इस महिला की उम्र 60 वर्ष है और यह महिला जंगलों में जानवरों की देखभाल करती है अगर किसी जानवर को कुछ होता है तो यह महिला उसका ख्याल रखती है!

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अक्सर गर्मियों में नदियां सूख जाती है जिसके कारण जानवरों को पानी की काफी दिक्कत होती है या महिला बीते 8 साल से जंगलों में रह रही है उसने खुद से अपनी कुटिया बनाई है और बंदरों की सेवा करती है !

 

इस महिला के 4 बच्चे हैं एक बच्चे की अकाल मृत्यु हो चुकी है और 3 बच्चे गांव में रहते हैं यह महिला जंगल में बंदरों की काफी मदद करती है और उनके लिए भोजन पानी की व्यवस्था करती है उस महिला के गांव में ही 2 बीघा खेती है बंदर!

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उनकी खेती में भी मदद करते हैं वह महिला बंदरों को काफी सेवा करती है बंदरों से उनकी दोस्ती हो चुकी है और सभी बंदरों को महिला ने एक नाम भी दिया है और उन सब को वह नाम से ही बुलाती है!

 

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इस वृद्ध महिला का नाम रानी बताया जा रहा और उत्तर प्रदेश की रहने वाली है!

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